ताज़ा सर्वे- मोदी के 'आरक्षण' दांव के आगे उत्तर भारत में महागठबंधन का सूपड़ा साफ़, जीतेगी 241 में से 220 सीट

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यह सर्वे 9-11 जनवरी के बीच में किया गया है और इस सर्वे का सैंपल साइज 27,589 है.

सवर्ण को आरक्षण देकर मोदी ने मारा है छक्का, 2019 में  उनकी  विजय है पक्का, रामदास अठावले ने राज्यसभा मैं सही ही कहा है - सवर्णों में भी थी गरीबी की रेखा, नरेंद्र मोदी ने उसको देखा। नरेंद्र मोदी का कारवां आगे चला, इसलिए गरीब सवर्णों का हुआ भला.

अभी म.प्र. और राजस्थान मैं सम्पन्न हुए विधानसभा चुनावों मैं बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा हैं और इस हार का सबसे बड़ा कारण मोदी सरकार के प्रति सवर्णो की नाराज़गी थी. सुप्रीम कोर्ट द्वारा SC/ST एक्ट में तुरंत गिरफ़्तारी पर रोक लगाने के आदेश को मोदी सरकार द्वारा लाये गए अध्यादेश के पलटने से सवर्णो मैं जबरदस्त नाराज़गी थी | मोदी सरकार इस बात से बेपरवाह थी की यह नाराज़गी उनको चुनावों में हार का बड़ा कारण बन सकती है.

इन हार से सबक लेते हुए मोदी ने किसी को भनक भी न लगते हुए अमित शाह के साथ मिल कर सवर्णो को आरक्षण देने का मसौदा तैयार किया.

मोदी और शाह के इस मास्टर स्ट्रोक से विपक्ष भी चित हो गया, किसी भी विपक्षी संगठन को चुनाव से ठीक पहले इसके खिलाफ जाना खाई में कूदने के बराबर लगा.

इसी की बदौलत मोदी सरकार ने गरीब सवर्णों को सरकारी नौकरियों और शैक्षिक संस्थानों में 10% आरक्षण देने वाले बिल को लोकसभा में तो आसानी से पास करा लिया और राज्यसभा में संख्या बल न होने के बावजूद इस बिल को पास करना नरेंद्र मोदी की बड़ी राजनीतिक जीत मानी जा रही है

अभी सवर्णो के आरक्षण की खबर से अखबार की हेडलाइंस हटी भी नहीं थी की नरेंद्र मोदी सरकार में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कल GST को लेकर छोटे व्यापारियों के लिए खुशखबरी दी. अब 40 लाख रुपये सालाना टर्नओवर वाले व्यापारी जीएसटी के दायरे में नहीं आएंगे. पहले ये व्यवस्था थी कि जिनका टर्नओवर 20 लाख तक था उन्हें जीएसटी से छूट थी. अब इसे बढ़ा कर 40 लाख कर दिया गया है. वहीं पहाड़ी राज्यों में ये सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख तक कर दी गई है.

इन दो बड़े निर्णय के बाद BLUE INDIA न्यूज़ पोर्टल द्वारा कराये गए ताज़ा सर्वे में एक बात साफ़ निकल कर आयी है की अगर आज की तारीख में लोकसभा चुनाव हो तो हिंदी पट्टी में बीजेपी 2014 से भी बड़ी जीत दर्ज़ करेगी.

10 % आरक्षण बिल दोनों सदनों मैं पारित होने के बाद सवर्ण वोटरों में बीजेपी के प्रति जबरदस्त उत्साह है और 40 लाख रुपये तक टर्नओवर वाले व्यापारियों को GST से बाहर रखने के फैसले से व्यापारियों में भी भरपूर जोश है. सभी का एक स्वर में मानना है की “चलो देर आये दुरस्त आये”.      इन फैसलों के बाद आम जनता को लगने लगा है की चुनावी साल में मोदी अभी और भी घोषणाओं से वोटरों को प्रभाभित करेंगे.

माध्यम वर्ग के लोगों में मोदी और बीजेपी दोनों के प्रति फिर से जोश दिखने लगा है. लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार लगातार नए-नए एलान कर रही है.

BLUE INDIA के सर्वे के मुताबिक उत्तर भारत की 241 सीट पर अगर आरक्षण और GST वाले फैसलों के बाद अगर चुनाव हो तो बीजेपी 223 सीट पर जीत दर्ज़ करेगी और जायदातर प्रदेश क्लीन स्वीप करेगी

उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा सीट में से बीजेपी 74 सीट जीत सकती है, बिहार की भी 34 सीट पर साफ़ तोर पर जीतती दिख रही है, यही झारखण्ड का भी हाल है, वहां की 14 में से 13 सीट जीतती BJP साफ़ दिख रही है , उत्तराखंड, हरयाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश  और राजस्थान में भी बीजेपी विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ़ करते दिख रही है.

अगर ऐसा ही जोश लोकसभा चुनाव तक बरक़रार रहता है तो बीजेपी और नरेंद्र मोदी के लिए यह बड़ी सौगात लेकर आ सकता है.

उत्तर प्रदेश - कुल सीटें 80

बिहार  - कुल सीटें 40

दिल्ली - कुल सीटें 07

मध्य प्रदेश - कुल सीटें 29

गुजरात - कुल सीटें 26

राजस्थान - कुल सीटें 25

 

 

 

 

 

 

 

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