कांग्रेस की करारी हार के बात हमलावर हुई शिवसेना, सामना में लिख डाली राहुल गाँधी के लिए ये बात!

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कांग्रेस को लोकसभा चुनाव 2014 के बाद 2019 में दोबारा मिली हार पर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए बड़ा हमला किया है। शिवसेना ने सामना में लिखा है कि राहुल गांधी को कांग्रेस को खत्म कर देना चाहिए। शिवसेना ने कांग्रेस की हार के लिए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को जिम्‍मेदार बताते हुए उन पर वंशवादी और पेंशनधारी क्लब से घिरे होने का आरोप लगाया। पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में शिवसेना ने लिखा, "कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी पेंशनर क्लब से घिरे हुए हैं, जिसकी वजह से कांग्रेस की आज ऐसी स्थिति हो गई है। कांग्रेस दिशाहीन है जिसमें नेता हैं लेकिन कार्यकर्ता नहीं हैं।"

 

आपको बात दें कि शिवसेना ने पिछले साल मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी की जीत के लिए राहुल गांधी की सराहना की थी। लेकिन फिर से बीजेपी के साथ संबंध ठीक होने पर शिवसेना अब कांग्रेस पर लगातार हमले कर रही है। अब शिवसेना ने संपादकीय में लिखा, "राहुल गांधी, न तो मोतीलाल या जवाहरलाल नेहरू हैं और ना ही इंदिरा या राजीव गांधी हैं। वह केवल सोनिया गांधी के बेटे हैं। उनका व्‍यक्तित्‍व यहां तक कि उनके बोलने की शैली भी प्रभावी नहीं है। वह लोगों के बीच लीक से हटकर कोई विचार नहीं रख पाते हैं। ऐसे में देश के युवा उनसे क्‍यों प्रेरणा लें।"

 

शिवसेना ने इसे कांग्रेस की सबसे अपमानजनक हार बताते हुए लिखा, 'राहुल के व्यक्तित्व और भाषण में वह बात नहीं है, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर सके। कांग्रेस को इस बार 2014 के चुनावों की तुलना में ज्यादा अपमानजनक व एकतरफा हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष का पद हासिल लायक 55 लोकसभा सीटें भी नहीं जीत सकी।' सामना के संपादकीय में शिवसेना ने प्रियंका गांधी की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। शिवसेना ने सामना के संपादकीय में लिखा है, ‘उत्तर प्रदेश में पार्टी 2 से एक सीट पर सिमट गई। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और गुजरात को मिलाकर 194 सीटें बनती हैं, लेकिन यहां कांग्रेस केवल तीन सीटें ही जीत सकी। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवारों से ज्यादा वोट तो निर्दलीय उम्मीदवारों को मिल गए। प्रियंका गांधी वाड्रा भी कुछ अलग नहीं कर सकीं।’

 

सामना में लिखा है कि मोदी के पास अच्छे संगठनात्मक कौशल वाले अमित शाह हैं। राहुल गांधी के पास बचकानी चीजें या पेंशनर्स क्लब हैं। कांग्रेस को मणिशंकर अय्यर जैसे नेताओं के साथ चलाने से बेहतर है कि पार्टी को खत्म कर दिया जाए।

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