राम मंदिर: अब बहुत हुआ कोर्ट का सम्मान, मोदी देंगे ‘अध्यादेश’ का फरमान

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बहुत हुई तारीख अब आएगा अध्यादेश

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम भक्तों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी देने वाले है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा फिर से एक बार तारिख आगे बढ़ाये जाने के बाद राम भक्तों के रोष को देखते हुए बीजेपी सरकार सतर्क है. मोदी जी को पता है की राम मंदिर अभी नई बना तो इसका भारी नुकसान के चुनावों में उठाना पड़ सकता है. क्यूंकि के चुनावों में बीजेपी जोर शोर से राम मंदिर का मुद्दा उठा कर ही सत्ता पर काबिज हुई थी. इतना भारी बहुमत मिलने के बाद अपने दम पर बीजेपी ने सरकार बनायीं थी जिस से हिन्दुओं में राम मंदिर के  निर्माण को लेकर मोदी सरकार से अपेक्षाएं बढ़ गयी थी. अब साल बाद भी इसका निर्माण न होने से मोदी सरकार पर सवाल उठने लगे हैं, सुप्रीम कोर्ट की बेरुखी से भी हिन्दुओं की भावनाएं आहात हुई हैं

इसी को भांपते हुए मोदी सरकार अब और इंतज़ार के मूड मैं नहीं दिख रही है. इसी कारण मोदी और शाह ने मिलकर अध्यादेश लाने का मसौदा तैयार कर लिया है. राम मंदिर पर अध्यादेश बजट सत्र से पहले लाया जा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट से मिली तो सिर्फ तारीख

पूरे देश की निगाहें जिस अयोध्या राम जन्मभूमि मुकदमे की सुनवाई पर लगी हैं वो बार बार टल जाती है। मामले की सुनवाई के लिए बैठी सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने केस की सुनवाई की तारीख तय करने के लिए सुनवाई एअक बार फिर आगे बढ़ा दी है। आपको बता दे की पीठ की अध्यक्षता कर रहे प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने पीठ के सदस्य जस्टिस यूयू ललित पर सवाल उठाए जाने के बाद सुनवाई आगे बढ़ा दी है।

सरकार अपने हर वादे को करेगी पूरा

अब अगर सूत्रों की माने तो सुप्रीम कोर्ट की इस सुस्त रव्या को देखते हुए सरकार एक बार फिर अपनी सशक्त और दृढ फैसले का परिचय दे सकती है 2019 के चुनावी रण में उतरने से पहले सरकार अपने हर वादे को पूरा करना चाहती है जिसके तहत वो हर कठिन फैसले को निरभीगता और दृढ़ता के साथ ले रही है. जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण हमे सरकार के हाल ही के कुछ फैसलों में देखने मिला है , यहाँ तक की सरकार अपने वादों को लेकर इतनी दृढ है की वो कानून के सुस्त फैसलों को भी चुनौती देने में नहीं हिचक रही.

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